'फर्जी हस्ताक्षर' के दावे से मुसीबत में आए राघव चड्ढा, जांच के आदेश

आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद राघव चड्ढा उस वक्त मुसीबत में फंस गए, जब सोमवार को पांच राज्यसभा सांसदों ने उनके खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने की मांग की। सांसदों ने आरोप लगाया कि दिल्ली सेवा विधेयक पर प्रस्तावित चयन समिति में उनकी सहमति के बिना उनके 'फर्जी हस्ताक्षर' जोड़े गए।

'फर्जी हस्ताक्षर' के दावे से मुसीबत में आए राघव चड्ढा, जांच के आदेश

आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद राघव चड्ढा उस वक्त मुसीबत में फंस गए, जब सोमवार को पांच राज्यसभा सांसदों ने उनके खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने की मांग की। सांसदों ने आरोप लगाया कि दिल्ली सेवा विधेयक पर प्रस्तावित चयन समिति में उनकी सहमति के बिना उनके 'फर्जी हस्ताक्षर' जोड़े गए।

यह विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी और नरहरि अमीन द्वारा लाये जाने की संभावना है। चड्ढा द्वारा दिल्ली सेवा विधेयक चयन समिति को भेजे गए प्रस्ताव में उनकी सहमति के बिना सस्मित पात्रा, नरहरि अमीन, थंबीदुरई, सुधांशु त्रिवेदी और नागालैंड के राज्यसभा सांसद फांगनोन कोन्याक के नाम शामिल थे। जबकि इनमें से कुछ सांसदों ने सोमवार रात सदन की कार्यवाही के दौरान बताया कि उन्होंने इस पर हस्ताक्षर ही नहीं किए हैं। 

राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी। बिल की जांच के लिए उच्च सदन में राघव चड्ढा ने सेलेक्ट कमेटी का प्रस्ताव रखा था। 

क्या कहा राघव चड्ढा ने

चड्ढा ने कहा, 'नोटिस आने दीजिए, मैं जवाब दूंगा।' उन्होंने कहा, हम इस बिल पर संसद में हार गए, लेकिन कोर्ट में लड़ेंगे। आप नेता ने उम्मीद जताई कि सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ फिर से अरविंद केजरीवाल सरकार के पक्ष में फैसला देगी। 

सांसदों के इस दावे के बाद कि दिल्ली एनसीटी संशोधन विधेयक को उनकी सहमति के बिना चयन समिति को भेजने के प्रस्ताव में उनके नामों का उल्लेख किया गया था, AAP सांसद राघव चड्ढा ने कहा, "जब वे नोटिस भेजेंगे तो मैं विशेषाधिकार समिति को जवाब दूंगा।"

बीजेडी सांसद ने क्या कहा

बीजेडी सांसद डॉ. सस्मित पात्रा ने कहा, "उस समय जब सदन में प्रस्ताव पेश किए जा रहे थे (दिल्ली सेवा विधेयक पर चर्चा के दौरान), मैंने सुना कि राघव चड्ढा द्वारा पेश किए गए एक प्रस्ताव में मेरे नाम का उल्लेख किया गया था। मेरी पूर्व सहमति के बिना मेरा नाम प्रस्ताव में नहीं डाला जा सकता। मुझे उम्मीद है कि सदन के सभापति कार्रवाई करेंगे। मैंने एक शिकायत दी है। जाहिर है, यह विशेषाधिकार का मामला है। हम सभी ने अपनी-अपनी शिकायतें दर्ज की हैं।"

एआईएडीएमके सांसद की राय

अन्नाद्रमुक सांसद एम थंबीदुरई ने दिल्ली सेवा विधेयक को प्रवर समिति को भेजने के लिए चड्ढा द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव पर अपने फर्जी हस्ताक्षर का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "मैंने विशेषाधिकार समिति का हवाला देते हुए राज्यसभा के सभापति को एक पत्र दिया है कि प्रस्ताव में मेरा नाम कैसे शामिल किया जाए, क्योंकि मैंने किसी दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। इसलिए, किसी ने मेरे हस्ताक्षर जाली हो सकते हैं।"

विशेषाधिकार हनन साबित हुआ तो क्या होगा?

वरिष्ठ वकील और राज्यसभा सांसद ने कहा, "यह विशेषाधिकार हनन का सवाल है। इसकी जांच होनी चाहिए और जो भी जिम्मेदार है उसे सदन से बर्खास्त किया जाना चाहिए।"

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